
महाराष्ट्र में भाजपा-कांग्रेस ने मिलाया हाथ
महाराष्ट्र के अंबरनाथ नगर परिषद में भाजपा और कांग्रेस ने एकनाथ शिंदे की शिवसेना के खिलाफ गठबंधन कर लिया है। शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनी, लेकिन बहुमत से चूक गई। भाजपा ने शिवसेना से बात न बनने पर कांग्रेस का हाथ थामा, जिससे भाजपा पार्षद नगर अध्यक्ष चुने गए।
महाराष्ट्र की सियासत में नया खेल देखने को मिला है। कांग्रेस-मुक्त भारत का नारा लगाने वाली भाजपा ने ठाणे के अंबरनाथ नगर परिषद में कांग्रेस से हाथ मिला लिया है।
मुंबई से महज 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ठाणे की अंबरनाथ नगर परिषद में कांग्रेस और बीजेपी एक-साथ आ गए हैं। दरअसल अंबरनाथ नगर परिषद को शिंदे की शिवसेना का गढ़ माना जाता है। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे यहीं से ही सांसद हैं। अंबरनाथ सीट पर एक बार फिर शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत से चूक गई। ऐसे में शिवसेना ने बीजेपी के साथ गठबंधन की योजना बनाई, मगर बीजेपी ने शिवसेना की बजाए कांग्रेस का हाथ थाम लिया। कांग्रेस और बीजेपी ने मिलकर यहां सरकार बनाई और बीजेपी पार्षद यहां से नगर अध्यक्ष चुने गए।
बीजेपी के इस फैसले से शिवसेना काफी नाराज है। शिंदे के विधायक डॉ. बालाजी किनिकर ने इस गठबंधन को ‘अभद्र युति’ करार दिया है। वहीं, श्रीकांत शिंदे ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।
बीजेपी ने सभी सियास सवालों पर सफाई पेश की है। बीजेपी के उपाध्यक्ष गुलाबराव करंजुले पाटिल ने कहा कि बीजेपी ने कई बार शिवसेना से गठबंधन पर बात करने की कोशिश की, लेकिन शिवसेना ने इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। स्पष्ट जवाब न मिलने की स्थिति में बीजेपी ने यह कदम उठाया है।

