ग़ज़ा में मानवीय सहायता पहुंचाना इसराइल की ज़िम्मेदारी: अंतरराष्ट्रीय न्यायालय

गज़ा में इजरायल द्वारा मानवीय सहायता पर रोक लगाने पर इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) ने बुधवार को इसराइल फटकार लगा दी है. कोर्ट ने कहा है कि इजरायल UN के कर्मचारियों के साथ मिलकर काम करने के लिए बाध्य है. वहीं, इजरायल ने ICJ की राय को साफ तौर पर खारिज कर दिया.

अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) ने कहा है कि इसराइल पर कानूनी दायित्व है कि वह संयुक्त राष्ट्र और उसकी एजेंसियों को ग़ज़ा में मानवीय सहायता पहुंचाने की अनुमति दे.
अदालत ने अपनी एडवाइज़री में कहा कि ग़ज़ा के फ़लस्तीनी नागरिकों को भोजन, पानी, दवा और आश्रय जैसी बुनियादी ज़रूरतें मुहैया कराना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत इसराइल की ज़िम्मेदारी है.
आईसीजे ने यह भी कहा कि इसराइल अपने आरोप को साबित नहीं कर पाया कि फ़लस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) निष्पक्ष नहीं है या उसके कर्मचारी हमास जैसे सशस्त्र समूहों से जुड़े हुए हैं.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अदालत के फैसले को “बहुत महत्वपूर्ण” बताया और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इसराइल इस राय का सम्मान करेगा और मानवीय सहायता में लगाए गए अवरोधों को हटाएगा.
हालांकि, इसराइल ने आईसीजे की राय को “राजनीतिक और पक्षपातपूर्ण” बताते हुए खारिज कर दिया. इसराइली सरकार ने दोहराया कि वह संयुक्त राष्ट्र एजेंसी यूएनआरडब्ल्यूए के साथ सहयोग नहीं करेगी, जिसे जनवरी 2024 में यह आरोप लगाते हुए उसने प्रतिबंधित किया था कि उसके कुछ कर्मचारी “7 अक्तूबर 2023 के हमलों में शामिल” थे.

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