
कंगना ने मांगी माफी, फिर भी नहीं मानी पंजाब की 78 साल की महिला किसान
बठिंडा की अदालत में मानहानि मामले में पेश हुईं बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने सोमवार को माफी मांगी। यह मामला किसान आंदोलन के दौरान किसान महिला मोहिंदर कौर के अपमान से जुड़ा है, जो चार साल से न्याय की लड़ाई लड़ रही हैं।
बॉलीवुड एक्ट्रेस और BJP सांसद कंगना रनौत को मानहानि मामले में माफी मांगने के बाद जमानत दे दी गई. उन्होंने कहा कि उन्हें ‘गलतफहमी’ पर पछतावा है. कई लोगों ने इसे 78 साल की किसान मोहिंदर कौर की जीत के तौर पर देखा, जो पिछले कुछ सालों से अपना सम्मान वापस पाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं. सोमवार, 27 अक्टूबर को कंगना रनौत को बठिंडा की अदालत ने जमानत दे दी. अब अगली सुनवाई 24 नवंबर को होगी.
मोहिंदर कौर एक महिला किसान हैं। उनकी उम्र 78 साल की है। भले ही कौर के पास 13 एकड़ जमीन है, मगर उनकी जिंदगी किसी अमीर किसान जैसी नहीं है। उनका घर पुराना है, छतों को लकड़ी के लट्ठों से सहारा दिया गया है। वह कहती हैं कि लोग समझते हैं कि 13 एकड़ जमीन बहुत होती है, लेकिन हकीकत में इससे उतनी आमदनी नहीं होती जितनी एक मामूली सरकारी चपरासी की होती है।
उनके वकील रघुबीर सिंह बेहनीवाल बीजेपी से जुड़ हुए हैं. वो कहते हैं कि जब मैंने ये केस लिया तो कुछ लोगों ने कहा कि मैं कंगना के खिलाफ मुकदमा ठीक से नहीं लड़ूंगा, लेकिन मोहिंदर कौर ने मुझ पर भरोसा किया। मैं भी पंजाब की माताओं का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता। उन्होंने आगे कहा कि कंगना ने माफी मांगी है, लेकिन यह केवल एक औपचारिकता है। हम इस माफी को स्वीकार नहीं करेंगे। यह मुकदमा अंत तक लड़ा जाएगा।
यह मामला 2020-21 के किसान आंदोलन से जुड़ा है। उस समय कंगना रनौत ने एक सोशल मीडिया पोस्ट साझा किया था जिसमें कथित तौर पर कौर की एक तस्वीर थी। पोस्ट पर टिप्पणी करते हुए रनौत ने दावा किया था कि कुछ प्रदर्शनकारियों को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए भुगतान किया जा रहा था। उन्होंने महिला को टाइम मैगजीन में भारत की शक्तिशाली महिलाओं में शुमार वही दादी (शाहीन बाग की प्रदर्शनकारी बिल्किस) कहकर संबोधित किया था और कहा था कि वह 100 रुपये में उपलब्ध हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस टिप्पणी से कौर आहत हुईं और उन्होंन अदालत के माध्यम से न्याय मांगने का फैसला किया।

