
वॉशिंगटन पोस्ट ने 300 स्टाफ को निकाला, शशि थरूर का बेटा भी शामिल
अमेरिका के मशहूर अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने बुधवार को 800 पत्रकारों में से 300 कर्मचारियों की छंटनी कर दी है। इसमें सीनियर कॉलमिस्ट ईशान थरूर भी शामिल हैं। वे कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे हैं।
अमेरिका के मशहूर अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने बुधवार को 800 पत्रकारों में से 300 कर्मचारियों की छंटनी कर दी है। इसमें सीनियर कॉलमिस्ट ईशान थरूर भी शामिल हैं। वे कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे हैं।
ईशान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि वॉशिंगटन पोस्ट ने इंटरनेशनल टीम के कई शानदार पत्रकारों के साथ उन्हें भी नौकरी से निकाल दिया है। यह न्यूज रूम के लिए बेहद दुखद दिन है।
एग्जीक्यूटिव एडिटर मैट मरे ने बताया कि जेफ बेजोस की कंपनी पिछले कई सालों से घाटे में चल रही थी। इस छंटनी में स्पोर्ट्स सेक्शन पूरी तरह बंद कर दिया गया है, हालांकि कुछ रिपोर्टर फीचर्स डिपार्टमेंट में शिफ्ट होकर स्पोर्ट्स की कल्चर कवरेज जारी रखेंगे।
लोकल न्यूज सेक्शन छोटा हो जाएगा, बुक्स सेक्शन बंद हो जाएगा और डेली न्यूज पॉडकास्ट ‘पोस्ट रिपोर्ट्स’ भी खत्म हो जाएगा। वॉशिंगटन पोस्ट ने मिडिल ईस्ट, इंडिया और ऑस्ट्रेलिया से भी रिपोर्टर और एडिटर निकाल दिए।
अमेरिका के मशहूर अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने बुधवार को 800 पत्रकारों में से 300 कर्मचारियों की छंटनी कर दी है। इसमें सीनियर कॉलमिस्ट ईशान थरूर भी शामिल हैं। वे कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे हैं।
ईशान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि वॉशिंगटन पोस्ट ने इंटरनेशनल टीम के कई शानदार पत्रकारों के साथ उन्हें भी नौकरी से निकाल दिया है। यह न्यूज रूम के लिए बेहद दुखद दिन है।
एग्जीक्यूटिव एडिटर मैट मरे ने बताया कि जेफ बेजोस की कंपनी पिछले कई सालों से घाटे में चल रही थी। इस छंटनी में स्पोर्ट्स सेक्शन पूरी तरह बंद कर दिया गया है, हालांकि कुछ रिपोर्टर फीचर्स डिपार्टमेंट में शिफ्ट होकर स्पोर्ट्स की कल्चर कवरेज जारी रखेंगे।
कांग्रेस के सीनियर नेता शशि थरूर ने गुरुवार को अपने बेटे ईशान थरूर को वॉशिंगटन पोस्ट से निकाले जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी। थरूर ने इस फैसले को एक अजीब कारोबारी निर्णय बताया।
शशि थरूर ने कहा कि ईशान का ‘वर्ल्ड वाइड न्यूजलेटर’ इंटरनेट पर बेहद सफल था और उसके 5 लाख से ज्यादा रीडर थे। उन्होंने लिखा कि वे दुनिया के कई देशों में विदेश मंत्रियों, राजनयिकों और विद्वानों से मिले हैं, जो ईशान का कॉलम रोज पढ़ते थे। इसके बावजूद ईशान को हटाया जाना उन्हें समझ से परे लगा।
शशि थरूर ने कहा कि वॉशिंगटन पोस्ट चाहती तो इतनी बड़ी पाठक संख्या से कमाई कर सकती थी, लेकिन ऐसा करने के बजाय अखबार ने उस कॉलम को बंद कर दिया, जो उनके मुताबिक खुद को नुकसान पहुंचाने जैसा फैसला है।
हालांकि बाद में शशि थरूर ने यह पोस्ट डिलीट कर दी। इसके बाद उन्होंने एक और पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मामलों को समझाने और उनका विश्लेषण करने में ईशान थरूर से बेहतर या उनके बराबर कोई नहीं है।
एग्जीक्यूटिव एडिटर मैट मरे ने कर्मचारियों से कहा कि अखबार पाठकों की जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रही है। मरे ने कहा कि यह फैसला दर्दनाक, लेकिन जरूरी है। अखबार को बदलती तकनीक और पाठकों की आदतों के अनुसार खुद को ढालना होगा।
अखबार का फोकस मुख्य रूप से राष्ट्रीय खबरों, राजनीति, बिजनेस और स्वास्थ्य पर ज्यादा होगा, जबकि अन्य क्षेत्रों में कवरेज काफी कम हो जाएगी।
जिन कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है, वे 10 अप्रैल तक कंपनी में बने रहेंगे, हालांकि उनसे काम करने की अपेक्षा नहीं की जाएगी। उन्हें छह महीने तक स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलता रहेगा।

