
हथियार छोड़ने को लेकर हुए समझौते के बावजूद ग़ज़ा पर हुआ हवाई हमला
गाजा में हमास के हथियार छोड़ने के समझौते की घोषणा के बाद भी इस्राइल के हमलों में कम से कम 18 फिलिस्तीनी मारे गए. हमास ने इस कार्रवाई को समझौते को बिगाड़ने की साजिश बताया
ग़ज़ा पट्टी पर इसराइल ने लगातार दूसरे दिन भी हवाई हमले किए, जिनमें बच्चों समेत 18 लोगों की मौत हो गई.
फ़लस्तीनी अधिकारियों के अनुसार, हमले ग़ज़ा सिटी, ख़ान यूनिस और दीर अल-बलाह के रिहायशी इलाकों में किए गए.
ग़ज़ा की सिविल डिफेंस अथॉरिटी ने बताया कि इसराइली सैन्य विमानों ने कई आवासीय क्षेत्रों को निशाना बनाया. वहीं, इसराइली सेना (आईडीएफ़) ने कहा कि कार्रवाई का उद्देश्य ग़ज़ा में सक्रिय सैन्य ठिकानों और हमास के लड़ाकों को निशाना बनाना था. सेना के मुताबिक़, इन हमलों में हमास के दो लड़ाके मारे गए.
यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब कुछ दिन पहले हमास ने प्रस्तावित निरस्त्रीकरण योजना को स्वीकार किया था. इस योजना के तहत हमास अपने हथियार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ़ पीस’ को सौंपेगा.
उधर, इसराइल के ऊर्जा मंत्री एली कोहेन ने रविवार को स्पष्ट किया कि ग़ज़ा में सैन्य कार्रवाई रोकने को लेकर कोई समझौता नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि यदि हमास अपने हथियार नहीं छोड़ता है, तो ग़ज़ा पट्टी को पूरी तरह इसराइल के नियंत्रण में लाना ज़रूरी होगा.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, फ़िलहाल ग़ज़ा पट्टी का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा इसराइल के नियंत्रण में है.

