
आकिब नबी टेस्ट फॉर्मेट के जरिए सीनियर भारतीय टीम में चुने जाने वाले जम्मू-कश्मीर के पहले खिलाड़ी
आकिब नबी को चोटिल जसप्रीत बुमराह की जगह श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज के लिए पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है।
जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को चोटिल जसप्रीत बुमराह की जगह श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज के लिए पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। वह रेड-बॉल (टेस्ट) फॉर्मेट के जरिए सीनियर भारतीय टीम में चुने जाने वाले जम्मू-कश्मीर के पहले खिलाड़ी बन गए हैं।
आकिब ने साल 2020 में अपने फर्स्ट क्लास करियर की शुरुआत की थी। पिछले रणजी सीजन में उन्होंने जम्मू-कश्मीर को पहली बार चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। सिर्फ 10 मैचों में उन्होंने 60 विकेट लेकर इतिहास रचा, जिसमें सात 5 विकेट हॉल भी थे। इससे पहले वाली सीजन में आकिब ने 8 मुकाबलों में 44 विकेट अपने खाते में जोड़े थे।
आकिब नबी जम्मू-कश्मीर के बारामूला के रहने वाले हैं। देश के लगभग हर क्रिकेटर की तरह उनकी कहानी भी संघर्ष से डूबी है, उनके पिता गुलाम नबी डार पेशे से शिक्षक हैं और वह चाहते थे कि बेटा डॉक्टर बने। लेकिन आकिब के सिर पर क्रिकेट का जुनून सवार था। पढ़ाई के लिए कमरे में बंद करने पर वह खिड़की से बाहर कूद कर खेलने पहुंच जाते। शुरुआती दिनों में स्पाइक्स जूते और खेल का सामान खरीदने के लिए पैसे नहीं थे, दोस्तों से जूते उधार लेने पड़े। आखिरकार पिता ने उनका साथ दिया और अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपना नाम बनाया।

