अहमदाबाद विमान क्रैश: बोइंग और हनीवेल के ख़िलाफ़ केस दर्ज

परिवारों का आरोप है कि कंपनियों की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ. हादसे का शिकार हुए एयर इंडिया के विमान में सवार 242 लोगों में से सिर्फ़ एक शख़्स ज़िंदा बचा था

जून में क्रैश हुए एयर इंडिया के विमान में जान गंवाने वाले चार यात्रियों के परिवारों ने अमेरिका में विमान निर्माता बोइंग और एयरक्राफ़्ट पार्ट्स बनाने वाली कंपनी हनीवेल के ख़िलाफ़ मुक़दमा दायर किया है.

परिवारों का आरोप है कि कंपनियों की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ. दायर मुक़दमे में, कहा गया कि ख़राब ईंधन स्विच, दुर्घटना का कारण बने और कंपनियों ने विमान की डिज़ाइन में जोखिम होने के बावजूद “कुछ भी नहीं किया”. जून में हुई इस विमान दुर्घटना में 260 लोगों की मौत हो गई थी. जाँच रिपोर्ट में कहा गया था कि बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर का फ़्यूल स्विच उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद बंद हो गया था. जांचकर्ताओं का ध्यान ईंधन स्विच पर तब गया जब प्रारंभिक जांच में पता चला कि विमान के जमीन छोड़ने के कुछ ही क्षणों बाद इंजन को ईंधन की आपूर्ति बंद हो गई थी. मुक़दमे में आरोप लगाया गया है कि दोनों कंपनियों को 787 ड्रीमलाइनर और इसके घटकों को विकसित और बाज़ार में लाने के दौरान क्रैश के जोखिम की जानकारी थी.

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