
गुरमीत राम रहीम को फिर दिन की फ़रलो
बलात्कार के मामले में अगस्त 2017 में दोषी ठहराए जाने के बाद से गुरमीत राम रहीम को अब तक पैरोल या फरलो पर 17 बार जेल से रिहा किया जा चुका है. पंचकुला की एक अदालत ने गुरमीत राम रहीम को दो महिलाओं से बलात्कार के लिए 20 साल की सज़ा सुनाई थी.
रेप के दोषी डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर 21 दिन की फरलो मिली है जिससे उसके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है. साल 2017 में दोषी पाए जाने के बाद राम रहीम को 20 साल की सजा हुई थी. सजा के 9 साल पूरे होने को आए हैं और यह अब तक राम रहीम की 17वीं पैरोल/फरलो है. इसी साल जनवरी में उसे 40 और फिर मई में 30 दिन की पैरोल मिली थी. इसके बाद अब 21 दिन की फरलो मिली है, जिसके बाद उसे अब तक कुल 91 दिन की रिलीज मिल चुकी है.
साल 2025, 2024, 2023 और 2022 में भी पैरोल और फरलो की संख्या यही है. हर साल तीन बार और 91 दिन की रिलीज. दरअसल, हरियाणा सदाचारी बंदी (अस्थाई रिहाई) अधिनियम, 2022 के तहत कैदियों को मिलने वाली पैरोल और फरलो के नियम और अधिकतम अवधि तय की गई है.
फरलो कैदी के अच्छे व्यवहार को देखते हुए बिना किसी खास वजह के दी जाती है. फरलो की अधिकतम अवधि एक साल में 21 दिन की होती है. इसे सजा के ड्यूरेशन में गिना जाता है. यानी कैदी के बाहर आने पर भी उसे जेल की सजा में काउंट किया जाता है.

