
गोरखपुर में अब पगड़ी और किराए पर आवंटित होंगी वेंडिंग जोन की दुकानें
गोरखपुर नगर निगम हरिओम नगर के वेंडिंग जोन का निजीकरण कर रहा है, जिससे निगम को प्रतिमाह 1 लाख रुपये की आय होने का अनुमान है। अब पटरी व्यवसायियों को मुफ्त स्थान के बदले पगड़ी और किराया देना होगा
गोरखपुर। नगर निगम की ओर से हरिओम नगर स्थित वेंडिंग जोन का नए सिरे से निर्माण कराया जा रहा है। पुनर्निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी निजी एजेंसी को दे दी गई है। जिससे नगर निगम को हर एक महीने करीब 1 लाख रुपये आय होने की संभावना है लेकिन अब मुफ्त में मिलने वाले वेंडिंग जोन की जगह के लिए पटरी व्यवसायियों को पगड़ी और किराए भी देना पड़ेगा। 7000 से 10 हजार रुपये तक किराया निर्धारित होने की संभावना है। वहीं, पगड़ी के तौर पर भी मोटी रकम अदा करनी पड़ सकती है।
नगर निगम अब शहर के वेंडिंग जोन के प्रबंधन में एक बड़ा बदलाव लागू कर रहा है। नई नीति के तहत, वेंडिंग जोन अब निजी एजेंसियों द्वारा संचालित किए जाएंगे, जिससे पटरी व्यवसायियों के लिए नया व्यापार माडल पेश किया जा रहा है, जिसमें उन्हें ‘पगड़ी’ (एकमुश्त जमा राशि) और मासिक किराया दोनों चुकाने होंगे। यह परिवर्तन नगर निगम के लिए राजस्व का एक नया स्रोत खोलने की दिशा में बढ़ाया गया एक कदम है, लेकिन उन विक्रेताओं के लिए वित्तीय चुनौतियां भी खड़ी कर सकता है जो पहले मुफ्त या रियायती दरों पर स्थान प्राप्त करते थे।
इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में छोटे विक्रेता अपनी आजीविका कमाते हैं। लेकिन अव्यवस्थित होने की वजह से कई तरह की समस्याएं पैदा होती रहती है।
निजीकरण का मुख्य तर्क इन क्षेत्रों के बेहतर रखरखाव, सफाई और व्यवस्थित संचालन को सुनिश्चित करना है। निजी एजेंसियां बुनियादी सुविधाएं जैसे शौचालय, पानी और बिजली प्रदान करने के लिए जिम्मेदार होंगी। हालांकि, पटरी व्यवसायियों ने इस कदम पर चिंता व्यक्त की है।

