लोक अदालत गोरखपुर ने रचा कीर्तिमान, 10.60 लाख से अधिक वादों का निस्तारण

गोरखपुर दीवानी न्यायालय परिसर में जनपद न्यायधीश तेज प्रताप तिवारी के नेतृत्व में लोक अदालत का आयोजन हुआ। इस दौरान विभिन्न मामलों का निस्तारण किया गया। इस दौरान जनपद न्यायधीश द्वारा 15 वादों का निस्तारण किया गया है।

गोरखपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दीवानी न्यायालय परिसर की ओर से शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद ने एक बार फिर नया रिकॉर्ड कायम किया। एक दिवसीय इस लोक अदालत में कुल 10,96,907 वाद नियत किए गए थे, जिनमें से 10,60,124 वादों का सफल निस्तारण किया गया। वादों की संख्या और समझौता धनराशि के लिहाज से यह अब तक की प्रमुख उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है।
राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन शनिवार सुबह 10.30 बजे नई मीटिंग हाल में जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राज कुमार सिंह ने किया। लोक अदालत का संचालन अपर जनपद न्यायाधीश एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पंकज श्रीवास्तव ने किया।
लोक अदालत में पारिवारिक विवादों के निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया। प्री-लिटिगेशन और लिटिगेशन स्तर पर पारिवारिक मामलों से जुड़े कुल 129 वादों का निस्तारण किया गया। प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय की ओर से 46 वाद निस्तारित किए गए। इसी क्रम में परिवार न्यायालय के समक्ष 12 जोड़ों की विदाई कराई गई, जिससे टूटते पारिवारिक रिश्तों को नया जीवन मिला। आर्थिक मामलों के निस्तारण में भी लोक अदालत प्रभावी रही। प्री-लिटिगेशन स्तर पर विभिन्न बैंकों, फाइनेंस कंपनियों और भारत दूरसंचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) से संबंधित 1,552 मामलों का निस्तारण करते हुए 8,32,06,434 रुपये की धनराशि नकद जमा कराई गई। इसके अलावा स्थायी लोक अदालत की ओर से 12 वादों का निस्तारण कर 1,22,48,765 रुपये की समझौता राशि का अवॉर्ड पारित किया गया।

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