
नेपाल त्रासदी, भारत हर सम्भव सहायता के लिए तैयार
भारतीय वायुसेना का C-130J विमान खाने-पीने और जरूरत के सामान सहित करीब 10 टन राहत सामग्री लेकर नेपाल पहुंच चुका है। सामान के साथ-साथ भारत ने 11 विशेषज्ञों की एक खास टीम भी भेजी है।
नेपाल और तिब्बत के सीमावर्ती इलाकों में भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों में आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें अब तक कम से कम 626 लोगों की मौत हो चुकी है और 2,482 से अधिक लोग लापता हैं। भारत ने तुरंत अपनी दोस्ती और इंसानियत का हाथ आगे बढ़ाया है।
इस भीषण संकट के बीच उम्मीद की किरण जगाते हुए भारतीय वायुसेना ने बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियान शुरू किया है। वायुसेना का एक C-130J विमान प्रभावित परिवारों के लिए दवाएं और भोजन जैसी 10 टन आवश्यक जीवन रक्षक राहत सामग्री लेकर नेपाल पहुंच चुका है।
नेपाल में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए भारत ने मानवीय सहायता का हाथ बढ़ाते हुए 37.5 टन राहत सामग्री की दूसरी खेप नेपाल को सौंप दी है। इस खेप में HADR (मानवीय सहायता एवं आपदा राहत) सामग्री के साथ आवश्यक दवाइयां और खाद्य पैकेट शामिल हैं।
भारत की ओर से भेजी गई राहत सामग्री नेपाल के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार मंत्री महाबीर पुन को सौंपी गई। बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के लिए यह सामग्री स्थानीय स्तर पर जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाई जाएगी।
भारत ने इस सहायता के माध्यम से एक बार फिर स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में वह नेपाल और वहां के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है। पड़ोसी देश के साथ मानवीय सहयोग की यह पहल भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति और आपदा के समय त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
नेपाल में बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए भारत की यह मदद संकट की घड़ी में दोनों देशों के बीच सहयोग और आपसी संबंधों को और मजबूत करने वाली पहल के रूप में देखी जा रही है।
