
NALSAR के बाद अब NLSIU में CJI सूर्यकांत और BCI चेयरमैन मनन कुमार के दौरे पर विवाद
NLSIU समुदाय ने NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ (हैदराबाद) के छात्रों और फैकल्टी के खिलाफ BCI की ओर से की गई हालिया कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए NALSAR समुदाय के प्रति 'अप्रतिबंधित एकजुटता' जताई गई है।
बेंगलुरु स्थित नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) के छात्रों और पूर्व छात्रों ने आगामी दीक्षांत समारोह में मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा को बुलाने पर आपत्ति जताई है।
NLSIU के छात्रों और पूर्व छात्रों ने 15 अगस्त को जारी एक साझा बयान में बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के उस विवादित आदेश की सख्त निंदा की, जिसके तहत हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के छात्रों के एनरोलमेंट पर अस्थायी रोक लगा दी गई थी (जिसे बाद में वापस ले लिया गया)।
उन्होंने NALSAR के छात्रों के साथ एकजुटता भी जताई, जिन्होंने सत्ता के सामने सच बोलने में मिसाल कायम करने वाली हिम्मत और नैतिक दृढ़ता दिखाई है।
छात्रों ने मांग की है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) NALSAR के छात्र और शिक्षक समुदाय से बिना शर्त माफी मांगे, क्योंकि उसने उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का हनन करने का प्रयास किया है।
बयान के अनुसार, BCI के इस कदम का न केवल NALSAR, बल्कि देश भर के छात्रों और आम नागरिकों की फ्री स्पीच पर बेहद नकारात्मक असर पड़ता है। यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि ‘असहमति जताने’ पर गंभीर व्यक्तिगत और पेशेवर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

