
12 साल में पहली बार मोदी सरकार सदन में बिल पास कराने नाकाम
इस बिल में महिला आरक्षण को परिसीमन के साथ जोड़कर 850 सीटें करने का प्रस्ताव था, जिसे अब बड़ा झटका माना जा रहा है।
17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में सीटें 543 से बढ़ाकर 850 करने वाला 131वां संविधान संशोधन बिल (परिसीमन विधेयक 2026) गिर गया। मोदी सरकार दो-तिहाई बहुमत (352 वोट) नहीं जुटा पाई; पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े।
बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह बिल 54 वोट से गिर गया।
12 साल के शासन में यह पहला मौका था, जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई। अब महिला आरक्षण नई जनगणना के नतीजे आने से पहले लागू नहीं होगा, यानी 2029 के लोकसभा चुनाव में इसका फायदा नहीं मिलेगा।
सरकार ने दो बिल वोटिंग के लिए पेश ही नहीं किए
पहला- परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026
दूसरा- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026
सरकार ने इन पर वोटिंग कराने से इनकार कर दिया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि दोनों पहले बिल से जुड़े हुए हैं, इसलिए इन पर अलग से वोटिंग कराने की जरूरत नहीं है।

