
गोरखपुर में डिजिटल संपत्ति सर्वे शुरू, शहरी विकास को मिलेगी गति
गोरखपुर में केंद्र सरकार की 'नक्शा' परियोजना के तहत संपत्तियों का स्थलीय सर्वेक्षण शुरू हो गया है। यह पहल शहर की हर संपत्ति का डिजिटल भू-अभिलेख तैयार कर शहरी विकास और कर निर्धारण को गति देगी।
गोरखपुर। केंद्र सरकार की डिजिटल इंडिया पहल के अंतर्गत संचालित नक्शा (नेशनल जियोस्पेशियल नालेज बेस्ड लैंड सर्वे आफ अर्बन हैबिटेशंस) परियोजना के तहत नगर निगम क्षेत्र में संपत्तियों के स्थलीय सर्वेक्षण का कार्य शुक्रवार से शुरू हो गया। नगर निगम और राजस्व विभाग की 26 संयुक्त टीमें आधुनिक तकनीक की मदद से प्रत्येक संपत्ति का सत्यापन कर उसका डिजिटल रिकार्ड तैयार करेंगी।
यह सर्वेक्षण नगर निगम के 41 वार्डों में किया जा रहा है, जिससे शहरी संपत्तियों का सटीक डिजिटल डेटाबेस तैयार हो सके। भूमि सर्वेक्षण को सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए उन्नत जीपीएस और रोवर तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इस योजना से शहरी भूमि प्रबंधन में सुधार होगा, संपत्तियों के रिकॉर्ड सुरक्षित होंगे और भूमि विवादों में कमी आएगी।
- अपर नगर आयुक्त गौरव रंजन श्रीवास्तव ने बताया कि सभी 41 वार्डों में चरणबद्ध तरीके से संपत्तियों का व्यापक सर्वेक्षण कराया जाएगा। यह परियोजना शहर के भू-अभिलेखों को आधुनिक और व्यवस्थित बनाएगी।

