
अमेरिका के लिए सिर दर्द बना ईरान का पिकैक्स माउंटेन
अमेरिकी हवाई हमलों के बावजूद ईरान का 'पिकैक्स माउंटेन' परमाणु स्थल अछूता है। यह साइट इतनी गहराई में है कि सबसे शक्तिशाली बंकर-भेदी बम भी इसे भेद नहीं सकते।
अमेरिकी हमलों और फरवरी से शुरू हुए पांच सप्ताह लंबे युद्ध के बावजूद ईरान का एक संदिग्ध परमाणु स्थल अभी भी अछूता है। वह है पिकैक्स माउंटेन।
अमेरिकी सरकार के अंदर और बाहर के विशेषज्ञ मानते हैं कि ईरान के साथ किसी भी समझौते में यह सुनिश्चित होना चाहिए कि पिकैक्स माउंटेन को स्थायी रूप से बंद कर दिया जाए। पिकैक्स माउंटेन के बारे में बहुत कम जानकारी है, जिसे स्थानीय रूप से कुह-ए कोलांग गाज ला कहा जाता है। सेटेलाइट चित्रों से पता चला कि बीते वर्ष जून में अमेरिकी सेना द्वारा देश की तीन मुख्य परमाणु सुविधाओं को निष्क्रिय करने के तुरंत बाद ईरान ने इस स्थल पर निर्माण कार्य को काफी आगे बढ़ा दिया है
विशेषज्ञों का कहना है कि परमाणु धूल का भूमिगत मलबा, जिसे पिकैक्स माउंटेन के नाम से जाना जाता है, इतनी गहराई में दबा हुआ है कि अमेरिका के सबसे शक्तिशाली बंकर-भेदी बम भी यहां नहीं पहुंच सकते।

