
CDF का पदभार संभालते ही असीम मुनीर बने पाकिस्तान के सबसे ताकतवर इंसान
पाकिस्तान में सेना का प्रभाव बढ़ गया है। जनरल आसिम मुनीर पहले चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस (CDF) बने। वे तीनों सेनाओं के सुप्रीम कमांडर होंगे और उनका कार्यकाल पांच साल का होगा। परमाणु हथियारों का कंट्रोल भी अब सीधे मुनीर के पास होगा। उन्हें राष्ट्रपति जैसी कानूनी सुरक्षा भी मिल गई है।
पाकिस्तान में सेना का प्रभाव एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। देश के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर को गुरुवार को पाकिस्तान का पहला चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस (CDF) बना दिया गया। यह पद हाल ही में हुए 27वें संवैधानिक संशोधन के तहत बनाया गया है।
इसके साथ ही मुनीर अब आर्मी, एयरफोर्स और नेवी तीनों सेनाओं के सुप्रीम कमांडर बन गए हैं। उनका कार्यकाल भी अब पांच साल के लिए तय कर दिया गया है। इस संशोधन के बाद चेयरमैन जॉइट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमिटी (CJCSC) का पद खत्म कर दिया गया।
यह भूमिका 1976 से चली आ रही थी, लेकिन मौजूदा CJCSC जनरल साहिर शामशाद मिर्जा की रिटायरमेंट के साथ इसे समाप्त कर दिया गया। बता दें, पाकिस्तान की आबादी 24 करोड़ है और एक परमाणु शक्ति है, लेकिन लंबे समय से सिविल और सैन्य शासन के बीच झूलता रहा है।
आखिरी बार जनरल परवेज मुशर्रफ ने 1999 में सत्ता पर कब्जा कर खुला सैन्य शासन चलाया था। इसके बाद लोकतांत्रिक सरकारें तो आईं, लेकिन सेना का प्रभाव लगातार मजबूत बना रहा। नए संशोधन से सोना का पलड़ा और भारी हो गया है।
अब परमाणु हथियारों की कमान भी सीधे CDF यामी आसिम मुनीर के कंट्रोल में होगी। पहले यह अधिकार राष्ट्रपति और कैबिनेट के पास भी था, लेकिन अब शीर्ष नियंत्रण मुनीर को दे दिया गया है। इसी बदलावसे मुनीर का कार्यकाल भी बढ़ गया। पहले वे 27 नवंबर 2027 को रिटायर होने वाले थे, लेकिन अब नए पद पर वे 2030 तक बने रहेंगे।
संशोधन के बाद मुनीर को राष्ट्रपति जैसी आजीवन कानूनी सुरक्षा मिल गई है। यानी उनके खिलाफ किसी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकेगी। यह सुरक्षा एयरफोर्स और नेवी चीफ को भी दी गई है। अब CDF के पास यह अधिकार भी होगा कि वे सरकार को वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (VCOAS) की नियुक्ति का सुझाव दें, जिसे सरकार मंजूरी देगी। पहले यह पूरी तरह सिविल सरकार का अधिकार था।
मुनीर नवंबर 2022 में आर्मी चीफ बने थे। इससे पहले वे मिलिट्री इंटेलिजेंस और बाद में ISI के प्रमुख भी रहे। 2019 में उन्हें अचानक ISI प्रमुख के पद से हटा दिया गया था, जिसकी वजह कभी सामने नहीं आई।
इमरान खान के सत्ता से हटने के बाद मुनीर की किस्मत बदल गई और नई सरकार ने उन्हें आर्मी चीफ बनाया। इस साल भारत के साथ चार दिन तक चले तनाव के बाद उन्हें फील्ड मार्शल के पद पर प्रमोट किया गया।

