
ईरान ने खाड़ी देशों से की युद्ध में हुए नुक़सान की भरपाई की मांग
ईरान के सेंट्रल बैंक ने एक अनुमान जारी किया है, जिसके मुताबिक युद्ध से बुरी तरह प्रभावित अर्थव्यवस्था को दोबारा खड़ा करने में ईरान को 12 साल से ज्यादा का समय लग सकता है।
ईरान ने अपने पड़ोसी देशों सऊदी अरब, यूएई, क़तर, बहरीन और कुवैत से जंग में हुए नुक़सान की भरपाई की मांग की गई है.
ईरान के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत अमीर सईद इरवानी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को एक पत्र भेजा है.
इस पत्र में कहा गया है कि इन पांच देशों ने अंतरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन किया और अब इन्हें ईरान को हुए नुक़सान की पूरी भरपाई करनी चाहिए.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, ईरानी राजदूत अमीर सईद इरवानी के लिखे गए पत्र को न्यूज़ एजेंसी आईआरएनए ने प्रकाशित किया है.
पत्र में लिखा है, “इन पांच देशों ने अंतरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन किया है और ईरान के प्रति अपनी ज़िम्मेदारियों को पूरा नहीं किया है. इसलिए अब उनकी अंतरराष्ट्रीय ज़िम्मेदारी तय हो चुकी है.”
“इन्हें ईरान को हुए सभी नुक़सान की पूरी भरपाई करनी चाहिए, जिसमें भौतिक और मानसिक दोनों तरह के नुक़सान शामिल हैं.”
यह पहली दफ़ा नहीं है जब ईरान ने इस तरह की मांग की है. इससे पहले ईरान ने अमेरिका से भी युद्ध में हुए नुक़सान का मुआवज़ा मांगा था.

